Monday, March 03, 2008

परिवर्तन जो उम्र के साथ होते है

अपने पहले लेख के साथ कई लोगों के विचार जानने को मिले जिससे यह कहा जा सकता है कि ज्यादातर लोगों (युवा व प्रोढ़ों) का यह सोचना या मानना है कि जैसे-जैसे वृद्धावस्था आती जाती है वैसे-वैसे लोगों की उस अनुरूप सेक्सुअल समीपता कम होती जाती है. जबकि हकीकत में ऐसा हर किसी के साथ नहीं होता. बल्कि यह कह सकते हैं कि सीनियर सेक्स एक आनंददायी व जीवन के पड़ाव का अहम् हिस्सा होता है, कई बार तो यह 60 वर्ष के उपर भी शानदार रूप में देखने को मिलता है. इस मुकाम पर देखा यह जाता है कि जब बूढ़ी चिंगारी अपने आप को उस तरह से प्रस्तुत नहीं कर पाती जैसा कि वह पहले करती थी तो वे मानसिक रूप से स्वयं को सेक्स अक्षम मानने की ओर चल पड़ते हैं. इस स्थिति में चाहिये कि आप अपनी मानसिक व शारीरिक अभिलाषा-कामना-आकांक्षा की पूर्ति के लिये एक समीपता भरी शाम की प्लानिंग करें. यहां आप अपने घर-परिवार-काम व उम्र के तनाव से दूर अपने पार्टनर के साथ शुरुआत करें तथा उससे अपनी भावनाएं व सेक्सुअल मामलों पर चर्चा करते हुए उसे भी सेक्स के लिये तैयार करें. धीरे-धीरे माहौल अपने आप हल्का होते हुए उत्तेजक होता जाएगा और आप इस उम्र में भी उस चिंगारी को पा लेंगे. हां यह बात अलग है कि अब आपका समय थोड़ा सा बढ़ जरूर जाएगा लेकिन आनंद में शायद वृद्धि ही होगी. इस प्रकार सीनियर सेक्स के मामले में आप जितनी ऊर्जा डालेंगे आप पाएंगे कि सीनियर सेक्स के आश्चर्यजनक पहलू सामने आने लगे हैं, जो युवावस्था में नहीं थे.


महिलाओं में परिवर्तन
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महिलाओं में मूलरूप से सेक्सुअल परिवर्तन मेनोपाज के साथ होने लगते हैं और उनकी सेक्सुअलटी कई तरीकों से प्रभावित होने लगती है. इस दौरान महिलाओं में एस्ट्रोजेन हार्मोन का लेबल घटने से उनकी शारीरिक सेक्स उत्तेजना पर सीधा असर पड़ने लगता है.

० प्राकृतिक रुप से स्निग्धता(Lubrication) काफी कठिनाई से मिलती है.

० योनि का लचीलापन (flexible) कम हो जाता है जिससे संभोग कुछ पीड़ादायी होने लगता है.

इसलिये सेक्सुअल आराम (comfort) व आनंद को बढ़ाने या कायम रखने के लिये जरूरी है कि कृत्रिम (artificial ) स्निग्धक (lubricant ) प्रयोग करें. सेक्स के दौरान वहीं क्रियाएं चयन करें जो आप दोनो के शरीर व उम्र के अनुरूप तथा शारीरिक रुप से आरामदायक हों. इसके अलावा आप यह विचार लेकर चले कि आप प्रशिक्षु सेक्स एथलीट है तथा इस आधार पर नित नए आइडिया खोजने का प्रयास करें. इन सबके बाद भी आप लगातार आनंददायी संभोग के लिये नियमित परेशानी झेल रहे हैं तो बेहिचक किसी सेक्सोलॉजिस्ट / चिकित्सक से संपर्क करें.


पुरुषों में परिवर्तन
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पुरुषों में परिवर्तन के लिए जिम्मेदार होता टेस्टोस्टेरॉन हारमोन में कमी आना. इस अवस्था में उत्थान को पाना और बनाए रखना काफी मुश्किल होता है.

० इस दौरान आप सेक्स क्रिया को आसान बनाने अपनी सेक्स पोजीशन में परिवर्तन करें.

० अपने आप में मानसिक बुढ़ापा न आने दें.

० चाहें तो उत्थानशील सहारों का प्रयोग चिकित्सक की सलाह से कर सकते हैं. वियाग्रा, वस्कुलर(vascular) सर्जरी या अन्य कोई साधन चिकित्सक की सलाह व निर्देशन में लिये जा सकते है.
इलाज
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उम्र बढ़ने के साथ कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इनमें से ज्यादातर बीमारियां संधिशोथ(arthritis), हृदय संबंधी बीमारियां, मधुमेह(diabetes) आदि प्रमुख हैं. इन बीमारियों के इलाज में जो औषधियां प्रयुक्त होती है उनका कई बार सेक्स क्षमताओं के रूप में साइड इफेक्ट होता है. ऐसे में जब आप किसी इलाज विशेष के दौरान सेक्स क्षमताओं पर प्रभाव देखें तो बेहिचक तुरंत चिकित्सक से मिलें. इससे इस बात की काफी संभावना रहती है कि दवाओं में सुधार या परिवर्तन से यह परेशानी सहज ही दूर हो सकती है साथ ही यदि कोई दूसरा मामला भी है तो वह भी सामने आ सकता है. जिसके उचित इलाज से सेक्स क्षमताएं पुनः तीव्रता को पा सकती है.

इन्हें भी आजमाएं
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लगातार संवाद करें
अपने पार्टनर से भावनात्मक व मानसिक तौर पर निकट आने का सबसे बढ़िया जरिया है बातचीत, साथ ही यह शारीरिक संबंधों की निकटता के लिये भी अत्यावश्यक है. अपने पार्टनर से अपनी सेक्सुअल जरूरतों और अपेक्षाओं पर चर्चा करने से न घबराएं और न ही संकोच करें. यदि यह सबकुछ आप बगैर आक्रामकता के नियमित तौर जारी रखते हैं तो आप पाएंगे कि इस अवस्था में भी आपकी सेक्स लाइफ शानदार है, लेकिन अपने पार्टनर से संवाद लगातार जारी रखें. इसके अलावा यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि अपने पार्टनर की जरूरतें, अभिलाषाएं और दिलचस्पी किस पर और कितनी है. इस आधार पर आप उसकी संपूर्णता को समझेंगे तो निश्चित तौर पर शारीरिक क्रिया कलापों की पूर्ति निहायत ही शानदार होगी.

देऱ न करें
यदि अभी तक आपने अपनी सेक्सुअल लाइफ में कोई उत्साहजनक(adventurous) कार्य नहीं किया है तो आपके लिये यह सब करने का यह शानदार समय है. साधारण रुप में भी नए स्थान व नई पोजीशन के साथ कुछ गतिविधियां आपकी सीनियर सेक्स लाइफ में कुछ अद्भुत क्षण मिलेंगे. लेकिन यहां यह
महत्वपूर्ण है कि इस दौरान आप अपनी और अपने पार्टनर की शारीरिक सीमाओं(physical limitations ) का ध्यान अवश्य रखें.

दुरुस्त रहने का प्रयास करें
उम्र बढ़ने के साथ शारीरिक परिवर्तन तेजी से होते हैं. इस लिये उम्रदराज होने के बाद भी सेक्स लाइफ स्वस्थ रखने के लिये जरूरी है कि शारीरिक तदुरुस्ती(physical fitness ) बनाने नियमित रुप से प्रयास करें. संयत व्यायाम और संतुलित भोजन उम्र बढ़ने के बाद भी आपकी सेक्सुअल लाइफ को सटीक रखने में सहायक होगा साथ ही उत्प्रेरक का भी काम करेगा. इन सबके बीच अपने चिकित्सकीय स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें. इस दौरान उन सभी गतिविधियों में सहभागिता निभाएं जिनसे आपका मन प्रसन्न तथा दिमाग तनाव मुक्त रहता है. लेकिन उस चीजों तथा बातों से ज्यादा से ज्यादा दूर रहने की कोशिश करें जो आपको उदासी-ग्लानि-विषाद(depression) में डालें. यह स्थिति सेक्स लाइफ के लिये खतरनाक मानी गई है.


क्रमशः

4 comments:

Anita kumar said...

बड़िया जानकारी

ramgopal T said...

मे 18 साल का हूँ मेरी सादी 5 दिन बाद है और मेरा गुप्तांग अंग के बगल की गोलियाँ एक बहुत बडी हो गयी है मे क्या करु मुझे सलाह दे ई मेल करे E mail tripathi.ramgopal@gmail.com

Anonymous said...

You should be atleast 21 year old for marr.

arun prakash said...

avery informative feature has been published by you. every teen shoul be known these things however our youth is misguided by his friends and preachers and become tense