सेक्स के मामले में अगर आप अपनी पार्टनर के बदलते मूड से कंफ्यूज हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। जानते हैं, क्या हैं वे -
पुरुषों का मानना है कि महिलाएं बेहद राजदार होती हैं। उनकी सेक्स ड्राइव को लेकर भी वे कुछ ऐसा ही सोचते हैं। कई बार वे उन्हें सिडक्टिव लगती हैं, तो ऐसे मौके भी आते हैं जब वे क्लोज आने में दिलचस्पी नहीं दिखातीं। दरअसल, इसके पीछे कई कारण होते हैं और अपनी परेशानी दूर करने के लिए आपको उन कारणों को दूर करना ही होगा।
मूड न होना
हायपोएक्टिव सेक्सुअल डिजायर डिसऑर्डर के केसेज महिलाओं में बहुत ज्यादा देखने में आते हैं। यह बात यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो में 18 से 59 साल की महिलाओं पर की गई एक स्टडी से साबित हुई। इस डिसऑर्डर से ग्रस्त व्यक्ति को सेक्स में ज्यादा दिलचस्पी नहीं होती। इस डिसऑर्डर की प्राइमरी स्टेज में महिला को सेक्स की इच्छा ही नहीं होती, जबकि सेकंडरी स्टेज में उसकी पहली वाली दिलचस्पी खत्म हो जाती है। कंडिशन के बिगड़ने पर वह सेक्स से दूर भागने लगती है। इस डिसऑर्डर की वजहें कम्यूनिकेशन प्रॉब्लम, लड़ाई, प्यार का न मिलना, अकेलापन वगैरह हो सकती हैं।
क्या करें
उससे प्यार जताएं, लेकिन जबर्दस्ती न करें। उससे बातें करें और अपने साथ सहज होने का मौका दें।
थकान होना
महिला चाहे गृहिणी हो या प्रफेशनल, तमाम परेशानियां उनके लिए एंजॉय करने का स्कोप कम ही छोड़ती हैं। फिर रिसर्च से भी यह बात साबित हो चुकी है कि तनाव में रहने वाली महिलाओं को सेक्स में ज्यादा दिलचस्पी नहीं होती। इसके अलावा, सेक्स को लेकर नर्वस होना, प्रेग्नेंसी का डर, दर्द वगैरह की वजह से भी वे सेक्स से दूर रहती हैं।
क्या करें
उनके साथ प्यार से पेश आएं और उनके लिए कुछ स्पेशल करें। फोर प्ले पर ध्यान दें। सेंसुअल मसाज या हॉट वॉटर बाथ जादू की तरह काम करेंगे।
कमी का अहसास
उसे लाइट में कपड़े उतारने में दिक्कत होती है और सेक्स के तुरंत बाद कपड़े पहनने की जल्दी। ऐसा तभी हो सकता है, जब वह अपनी बॉडी को लेकर सहज न हों। अचानक वजन का बढ़ना, स्ट्रेच मार्क्स, दाग या पार्टनर के कॉमेंट्स उनमें हीन भावना जगा सकते हैं।
क्या करें
उनके साथ जिम में टाइम बिताएं। उन्हें ताई ची क्लास जॉइन करने के लिए प्रोत्साहित करें। वर्कआउट करने से उनकी बॉडी टोन होगी और सेक्स ड्राइव भी बढ़ेगी। उन्हें किसी हीरोइन या मॉडल की तरह बनने को न कहें। उन्हें बताएं कि साइज जीरो न होने के बावजूद वह आपको खूबसूरत लगती हैं।
डाइट का रोल
सेक्स ड्राइव बढ़ाने में खाने का भी अहम रोल है। 25 साल की एक लड़की ने शादी से पहले वजन घटाने के लिए खूब डाइटिंग की। शादी तक वह स्लिम तो हो गई, लेकिन शादी के बाद सेक्स में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं थी। कुछ फूड आइटम्स स्टैमिना बढ़ाकर, बॉडी टोन करके और त्वचा को ग्लो देकर सेक्स ड्राइव बढ़ाते हैं। जबकि जंक फूड, कैफीन, हैवी खाना वगैरह इस चीज को कम करते हैं।
क्या करें
ध्यान रखें कि आपकी पार्टनर चॉकलेट, ओटमील, वॉलनट जैसी चीजें खूब खाएं। दरअसल, ये मूड लिफ्टर्स होती हैं। साथ ही, आलू के चिप्स की जगह उन्हें सलाद दें और कोला की जगह पानी।
दवाइयों पर दें ध्यान
घबराहट, तनाव, डिप्रेशन को दूर करने के लिए ली जाने वाली दवाइयां भी महिलाओं की सेक्स में दिलचस्पी कम करती हैं। बर्थ कंट्रोल पिल्स महिलाओं की ऑव्यूलेशन साइकल में बदलाव लाती है और इस वजह से भी फिजिकल इंटीमेसी में उनकी इच्छा पर असर डालती है।
क्या करें
अगर किसी खास दवाई के लेने से आपकी पार्टनर की सेक्स ड्राइव प्रभावित हो रही है, तो इस मामले में डॉक्टर की सलाह लें।
कुछ दोष कल्चर का भी
हमारी सोसाइटी में सेक्स को लेकर लड़कियों को कभी खुलने नहीं दिया जाता। ऐसे में उनके मन में सेक्स को लेकर तमाम सवाल व दुविधाएं रहती हैं, जिससे कई बार शादी के लंबे अर्से बाद तक वे अपने हसबैंड के साथ सहज नहीं हो पातीं।
क्या करें
पार्टनर को काउंसलिंग दिलवाएं। मैरिज काउंसलिंग, कपल स्टिमुलेशन, सेल्फ हेल्प गाइड्स वगैरह आपकी मदद कर सकते हैं। फोर प्ले पर ध्यान दें।
(यह मैटर हमें भेजा है इटारसी से सौरभ ने )
Tuesday, August 18, 2009
पार्टनर सेक्स से जी चुराए तो...
Friday, July 17, 2009
योगा फॉर सेक्स
सेक्स लाइफ को रोमांचक बनाने के लिये नए-नए एक्सपेरिमेंट करना जरूरी है. यह भी देखा गया है कि योगा के द्वारा भी सेक्स क्षमता बढ़ाई जा सकती है. इससे शारीरिक लाभ तो होगा ही सेक्स क्षमता में भी इजाफा होगा. यहां हम आपको दे रहे हैं सेक्सुअल पावर बढ़ाने के लिये कुछ खास एक्सरसाईज-
1. कैमल पोज-
घुटने मोड़ कर बैठे. पैरों में 6 से 7 इंच की दूरी हो. हल्के से उठें. सांस लें. हाथों को पीछे की ओर ले जाकर एड़ियों पर रखे. सीना सामने की ओर निकला हो. हिप्स व कमर को भी सामने की ओर स्ट्रेच करें. नजर ऊपर की ओर हो. 10 से 15 सेकंड बाद सांस छोड़ दें.
लाभः
इससे जांघों, हिप्स, कंधों व सीने में खिंचाव(स्ट्रेच) पैदा होता है. हृदय चक्र को भी उत्तेजना मिलती है. जिससे मन भावनात्मक रूप से सेक्स के लिये तैयार हो जाता है.
2. फ्राग पोज
इसमें घुटने के बल जमीन पर बैठे. दोनों घुटनों के बीच थोड़ी दूरी रखते हुए कमर को झुकाएं. दोनों हाथ शरीर के पास हों. सीना बाहर निकालें. कंधे पीछे की ओर हों. पेट को अंदर की ओर खींचे. सीधे देखें व सांस लें. यही क्रिया दोहराएं.
लाभः
इससे अंदरूनी जांघों का लचीलापन बढ़ता है एवं वे मजबूत होती है. साथ ही हिप्स में उठाव आने के साथ कसावट आती है.
पद्मासन : इस आसन से कूल्हों के जाइंट, माँसमेशियाँ, पेट, मूत्राशय और घुटनों में खिंचाव होता है जिससे इनमें मजबूती आती है और यह सेहतमंद बने रहते हैं। इस मजबूती के कारण उत्तेजना का संचार होता है। उत्तेजना के संचार से आनंद की दीर्घता बढ़ती है।
भुजंगासन : भुजंगासन आपकी छाती को चौड़ा और मजबूत बनाता है। मेरुदंड और पीठ दर्द संबंधी समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद है। यह स्वप्नदोष को दूर करने में भी लाभदायक है। इस आसन के लगातार अभ्यास से वीर्य की दुर्बलता समाप्त होती है।
सर्वांगासन : यह आपके कंधे और गर्दन के हिस्से को मजबूत बनाता है। यह नपुंसकता, निराशा, यौन शक्ति और यौन अंगों के विभिन्न अन्य दोष की कमी को भी दूर करता है।
हलासन : यौन ऊर्जा को बढ़ाने के लिए इस आसन का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह पुरुषों और महिलाओं की यौन ग्रंथियों को मजबूत और सक्रिय बनाता है।
धनुरासन : यह कामेच्छा जाग्रत करने और संभोग क्रिया की अवधि बढ़ाने में सहायक है। पुरुषों के वीर्य के पतलेपन को दूर करता है। लिंग और योनि को शक्ति प्रदान करता है।
पश्चिमोत्तनासन : सेक्स से जुड़ी समस्त समस्या को दूर करने में सहायक है। जैसे कि स्वप्नदोष, नपुंसकता और महिलाओं के मासिक धर्म से जुड़े दोषों को दूर करता है।
भद्रासन : भद्रासन के नियमित अभ्यास से रति सुख में धैर्य और एकाग्रता की शक्ति बढ़ती है। यह आसन पुरुषों और महिलाओं के स्नायु तंत्र और रक्तवह-तन्त्र को मजबूत करता है।
मुद्रासन : मुद्रासन तनाव को दूर करता है। महिलाओं के मासिक धर्म से जुड़े हए विकारों को दूर करने के अलावा यह आसन रक्तस्रावरोधक भी है। मूत्राशय से जुड़ी विसंगतियों को भी दूर करता है।
मयुरासन : पुरुषों में वीर्य और शुक्राणुओं में वृद्धि होती है। महिलाओं के मासिक धर्म के विकारों को सही करता है। लगातार एक माह तक यह आसन करने के बाद आप पूर्ण संभोग सुख की प्राप्ति कर सकते हो।
कटी चक्रासन : यह कमर, पेट, कूल्हे, मेरुदंड तथा जंघाओं को सुधारता है। इससे गर्दन और कमर में लाभ मिलता है। यह आसन गर्दन को सुडौल बनाकर कमर की चर्बी घटाता है। शारीरिक थकावट तथा मानसिक तनाव दूर करता है।
शेष शीघ्र ही...
Tuesday, December 16, 2008
क्या हो लिंग का आकार ?
क्या
सेक्स के लिए लिंग का आकार महत्वपूर्ण है ? यह सेक्स मामलों के लिये सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला प्रश्न है. जबकि वास्तव में यह गैर महत्वपूर्ण प्रश्न है क्योंकि सेक्स क्रिया के लिये लिंग की लंबाई से कोई लेना देना नहीं होता. लिंग की लंबाई महत्वपूर्ण तब होती है जब सिर्फ आप इस बारे में सोचते हैं. यदि आप किसी से सेक्स कर रहे हैं और आप की आकांक्षा लंबे लिंग की है तब लिंग का आकार महत्वपूर्ण होगा वह भी सिर्फ आपके लिये . सेक्स क्रिया के लिये यदि आपको लगता है लिंग का लंबा होना जरूरी हैतब और तब सिर्फ आपके लिये मात्र ही लिंग की लंबाई महत्वपूर्ण होगी. जबकि कई महिलाओं का कहना है कि ज्यादातर आदमी लिंग की लंबाई को लेकर झूलते , परेशान होते रहते हैं जबकि उन्हे इससे कोई लेना देना नहीं है . विशेषज्ञों के अनुसार योनि की लंबाई मात्र 8 से.मी. से 13 से.मी. (3 से 5 इंच ) होती है और छोटा से छोटा लिंग भी इसके व्यास के आकार को छू सकता है. इसलिये कुल मिलाकर सेक्स के लिए लिंग की लंबाई कोई मायने नहीं रखती यह सिर्फ पुरुषों के दिमाग का भ्रम है.
मैन्डेस क्रॉप की किताब के अनुसार औसतन लिंग की लंबाई 15 से.मी. मानी जाती है. इसके साथ ही 90 फीसदी लोगों के लिंग की लंबाई 13 से 18 से.मी. के बीच पाई जाती है. पूर्णतः काम कर रहे लिंग में सबसे छोटे लिंग की लंबाई 1.5 से.मी. तथा अधिकतम लंबाई 30 से.मी. रिकार्ड की गई है.
■ क्या लिंग का आकार बढ़ाया जा सकता है?
हां लिंग का आकार बढ़ाया जा सकता है लेकिन वह सिर्फ सर्जिकल तरीके से . एक तरीका बायहेरी और दूसरा फैट इंजेक्शन है. बायहेरी तरीके में शरीर के एक हिस्से से लिगमेंट( ligament) काट कर लिंग में जोड़ा जाता है. इस तरीके से सिर्फ 2 इंच तक ही लिंग की लंबाई बढ़ाई जा सकती है. दूसरा तरीका फैट इंजेक्शन का है. इसमें शरीर के हिस्से से फैट निकाल लिया जाता है और उसे लिंग में इंजेक्ट किया जाता है. इसके अलाबा लिंग बढाने के जो भी तरीके दवा या अन्य बताए जाते है वह सिर्फ ठगी का कारण बनते है.
■ लिंग की लंबाई कैसे मापी जाती है?
हेराल्ड रीड जो रीड सेंटर फॉर एम्बुलैटरी यूरोलॉजिकल सर्जरी के डॉक्टर हैं के अनुसार लिंग की लंबाई नापने का सही तरीका निम्न है-सर्वप्रथम आप सीधे खड़े हो जाएं फिर लिंग को पूर्ण उत्तेजित अवस्था में ले आएं. इसके बाद लिंग को पकड़ कर तब तक नीचे झुकाएं जब तक कि वह जमीन के समानान्तर अवस्था में न आ जाए. इसके पश्चात लिंग जहां शरीर से शुरू होता है वहां से शिश्न मुण्ड की सीध तक स्केल से नाप लें. जो लंबाई आएगी वही लिंग की वास्तविक लंबाई है.
■ लिंग का एक ओर झुकाव (दाएं या बायें ) कुछ गलत है ?
लगभग सभी लिंग उत्तेजना के दौरान किसी न किसी दिशा में झुके रहते हैं. इनमें से कुछ नीचे की ओर झुके होते हैं. यदि उत्तेजना के दौरान यह झुकाव न हो तो यह लिंग में दर्द का कारण बन सकता है. इसलिये लिंग में झुकाव कुछ गलत नहीं है और न ही यह लक्षण आपके लिंग के साथ कुछ असामान्य है. इस झुकाव से सेक्स क्रिया पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ता है.अपवाद स्वरूप कुछ केस जिसे पेरोंस सिन्ड्रोम कहते है में लिंग का झुकाव बीमारी माना जाता है. यह बचपन से होता है. इस अवस्था में झुकाव की सीमा काफी अधिक कभी-कभी तो 90डिग्री तक पहुंच जाती है. यदि ऐसी परिस्थितियां होती हैं तो फिर चिकित्सक(यूरोलॉजिस्ट ) को दिखाना जरूरी होता है.
ज्यादा जानकारी के लिये क्लिक करें लिंग और उसका आकार
Thursday, November 13, 2008
सेक्स संबंधी आम सवाल
प्रश्नः कुछ लड़कियों में उनकी योनि से इतनी तेज गंध क्यों आती है?
उत्तरः हर लड़की की गंध भिन्न होती है, और उसकी तेज़ी भी कम या अधिक हो सकती है. योनि की सतह के नीचे तेल की ग्रँथियाँ होती हैं जो उत्तेजित होने के समय काम करना शुरु करती हैं और सम्भोग के समय यौनी को चिकना बनाती हैं. किसी किसी पुरुष को यह गंध अच्छी नहीं लगती या बहुत तेज लगती है तो यौन सम्पर्क से पहले यौनी की नाजुक सी क्रीम से साफ करना लाभ दे सकता है.
प्रश्नः क्या संभोग के समय बेहोश हो जाना सामान्य बात है? मैं एक स्त्री हूँ.
उत्तरः नहीं, यह सामान्य बात नहीं, शायद आप ठीक से साँस नहीं लेती. संभोग के समय भी ठीक से साँस लेना आवश्यक है, यानि खुल कर पूरी छाती में साँस लेना चाहिये, अगर आक्सीजन कम होगी तो बेहोशी आ जायेगी.प्रश्नः मेरी एक परेशानी है, मेरे लिंग का ऊपरी भाग जो चिकना होता है, वह बहुत सूखा रहता है, इसलिए लिंग को खड़ा करने भी मुश्किल होती जब तक उसे कुछ गीला न करूँ, जैसे कि थूक लगा कर. क्या यह नोरमल है?
उत्तरः कभी कुछ चिकनापन की जरूरत पड़े यह नोरमल बात है, अगर अधिक सूखा लगे तो उस पर कोई भी बेबी क्रीम लगा सकते हो जिससे कुछ नमी बनी रहे.
प्रश्नः मुझे बता सकते हैं कि क्यों सम्भोग से समय मुझे अच्छा लगता है कि मेरी गुदा में मेरी साथी अपनी उँगली घुसाये? क्या मैं नोर्मल हूँ?
उत्तरः गुदा में बहुत तंत्रिकाँए यानि नर्वस्(nerves) होती हैं, और उन्हे छूने से अच्छा लगना स्वाभाविक है. इसलिए यह बिल्कुल नोरमल है कि तुम्हे यह अच्छा लगता है.प्रश्नः मैं पंद्रह साल का लड़का हूँ और वेटलिफ्टिंग यानि वजन उठाने की कसरत करता हूँ, मैंने सुना है कि वजन उठाने से लिंग छोटा रह जाता है, क्या यह सच है?
उत्तरः खाली वजन उठाने से लिंग को कुछ नहीं होगा, कठिनाई तब होती है जब माँसपेशियों को बढ़ाने के लिए लोग होरमोन वगैरा लेना शुरु करते हैं. वजन उठाने से माँसपेशियाँ बढ़ जाती हैं तो बाकी शरीर के सामने लिंग पहले से छोटा लग सकता है पर असल में लिंग तो जैसा था वैसा ही रहता है, बस छोटा लगता है.प्रश्नः मैं चालिस साल का पुरुष हूँ. मैंने सुना है कि काम की चिंता होने से, स्ट्रैस होने से, वजन बढ़ने से, सेक्स की शक्ति बिगड़ जाती है और लिंग ठीक से नहीं तनता. तुम्हारा क्या विचार है.
उत्तरः तुमने ठीक ही सुना है. चिंता और बढ़ता वजन दोनो से ही सेक्स तो खराब होता ही है, और भी कई तकलीफें हो सकती हैं. सारे जीवन पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए अपना ठीक से ख्याल रखना चाहिये, काम के बाद आराम करने का पर्याप्त समय भी होना चाहिये.प्रश्नः मैं 21 साल का युवक हूँ, मेरी कठिनाई है कि जब मेरा लिंग खड़ा होता है तो भी उसका शिश्न मुण्ड (सुपारा) नहीं खुलता, चमड़ी बहुत तंग है और वह मेरे लिंग से चिपकी रहती है. इससे मुझे हस्तमैथुन में तो कोई मुश्किल नहीं पर मुझे डर है कि मैं ठीक से सम्भोग नहीं कर पाऊँगा. मैंने कण्डोम लगाने की भी कोशिश की पर उसमें भी मुझे बहुत कठिनाई हुई. मुझे कुछ सलाह दो, धन्यवाद.
उत्तरः धीरे धीरे चमड़ी को सुपारे से पीछे हटाने की रोज़ कोशिश कर सकते हो, थोड़ा ध्यान से करना क्योंकि तुम्हारा सुपारा बहुत जल्दी संवेदित हो जायेगा. जिस समय लिंग तना न हो, उस समय वह चमड़ी से ढका रहे, यह तो नोरमल है पर जब सम्भोग के समय तुम उसे योनि में घुसाओगे, तो चमड़ी पीछे होने चाहिये. कण्डोम पहनने में अगर कठिनाई हो तो उसे लिंग के पूरी तरह खड़े होने से पहले ही लगा लो. तुम कहते हो कि हस्तमैथुन में तकलीफ नहीं इसका अर्थ है कि चमड़ी बिल्कुल चिपकी हुई नहीं है और शल्यचिकित्सा की आवश्यकता नहीं होनी चाहिये.लेकिन जिन लोगों की चमड़ी काफी कसी होती है तथा नीचे पूरी तरह नहीं खुलती है उन्हें सेक्स के दौरान परेशानी हो सकती है. इससे बचने के लिये किसी सर्जन को समस्या बता कर इलाज करा लेना चाहिये. इसके लिये काफी छोटा ऑपरेशन होता है तथा कुछ दिनों में ही सब कुछ नार्मल हो जाता है. तथा किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होती.
प्रश्नः मुझे अपने लिंग और नीचे गोलियों की थैली पर सफेद सफेद सी छोटी छोटी गोलियाँ सी दिखतीं हैं, इनका क्या इलाज हो सकता है? क्या यह तकलीफ और पुरुषों को भी होती है?
उत्तरः हाँ यह बात कई लोगों को होती है और अपने आप घटती बढ़ती रहती है. क्या तुमने इस बारे में किसी डाक्टर से बात की? मेरे विचार में डाक्टर से बात करनी चाहिये.
प्रश्नः जब मेरा लिंग खड़ा होता है तो नीचे की ओर झुक जाता है, क्या इससे मुझे सेक्स में कठिनाई होगी, क्या मुझे आपरेशन करवाना पड़ेगा?
उत्तरः लिंग में कुछ टेढ़ापन, या एक तरफ झुकना या नीचे झुकना सामान्य बाते हैं और बहुत से पुरुषों को होती हैं, अधिकतर लोगों को इससे कोई तकलीफ नहीं होती और वह नारमल तरह से सम्भोग कर सकते हैं. हाँ अगर झुकाव बहुत अधिक हो तो कुछ ऑपरेशन करवाना पड़ता है.
प्रश्नः मेरी माहवारी हमेशा समय से महिने के महीने आती थी, पर पिछले एक साल में कुछ परिवर्तन आया है. मुझे भूख कम लगती है, अक्सर थकान रहती है और माहवारी भी ठीक नहीं आती, क्या वजह हो सकती है?
उत्तरः हो सकता है कि हारमोन की कुछ तकलीफ हो, मेरे विचार में आप को स्त्रीरोग विषेशज्ञ यानि गायनेकोलोजिस्ट को दिखाना चाहिये.
प्रश्नः मैं अपने साथी के साथ तीन सालों से हूँ पर जब भी यौन सम्पर्क करते है, मेरी योनि में बहुत दर्द होता है. और सब तरह से हमारा रिश्ता अच्छा है पर इस बात का हम दोनों पर बहुत बुरा असर हो रहा है और मुझे बहुत चिंता है. मुझे सलाह दो कि मैं इस बाधा से छुटकारा पाऊँ. धन्यवाद.
उत्तरः मेरे विचार में तुम्हें स्त्रीरोग विषेशज्ञ से मिलना चाहिये. जैसे तुम बता रही हो वेजिनिस्म यानि यौनी का स्पासम की तकलीफ लगती है. मेरे विचार में यह तकलीफ ठीक इलाज से अवश्य दूर हो जायेगी और तुम अपने साथी के साथ सेक्स का सही आनंद ले सकोगी.
प्रश्नः मेरी शादी को चार साल हो गये और हमारी दो साल की बेटी है. तकलीफ यह है कि बच्चे के बाद से मेरी पत्नी सेक्स नहीं चाहती. क्या करूँ?
उत्तरः पहले तो पत्नी की जाँच कराईये कि हारमोन की तकलीफ न हो. दूसरी बात है कि पत्नी के साथ समय बिताईये, उसकी बात समझने की कोशिश करिये. सेक्स में रुचि न होना, अन्य भावनात्मक कठिनाईयों की वजह से भी हो सकती है.लेकिन ज्यादातर मामलों में यह होता है कि बच्चे के बाद मां का ध्यान बच्चे पर ज्यादा होने से उसका मन सेक्स आदि पर कम जाता है. इसपर पुरुष को चाहिए कि वह अपनी पार्टनर को धीरे धीरे सेक्स रुचिकर बातों में ध्यान बंटाए. तथा छेड़छाड़ जैसे प्रयत्न करे. साथ ही फोरप्ले भी करें इससे उसकी रुचि सेक्स में जागेगी. ज्यादातर सेक्स से अरुचि का कारण मानसिक होता है. इसमें दोनों को खुलकर बातें करना चाहिए तथा सेक्स से अरुचि का कारण खोज उसके अनुरुप प्रयास करना बेहतर होता है.प्रश्नः क्या लड़की को गुदा मैथुन से भी आनंद मिल सकता है? किस कारण से बहुत सी लड़कियाँ गुदा मैथुन नहीं चाहतीं?
उत्तरः लड़कों और लड़कियों दोनो को गुदा से आनंद मिल सकता है, सेक्स की बहुत सी बातें हमारे सोचने के तरीके से जुड़ी हैं, अगर आप के मन में गुदा के साथ शर्म, ग्लानी या गंदगी के विचार है या दर्द होने का डर है तो आप को वह अच्छा नहीं लगेगा. गुदा मैथुन के लिए शरीर को तैयार करना आवश्यक है, गुदा में कुछ मोटी चीज घुसाने से पहले उसे किसी छोटी चीज से जैसे कि उँगली और क्रीम से तैयार करना चाहिये. पर जबरदस्ती नहीं होनी चाहिये, अगर किसी को यह अच्छा नहीं लगता तो उसे मना करने का पूरा हक है.
प्रश्नः कुछ डाक्टर कहते हैं कि गुदा मैथुन एक तरह की बीमारी है, क्योंकि गुदा मल को बाहर निकालने के लिए बनी है न कि इस लिए कि उसमें कुछ घुसाया जाये. जो गुदा मैथुन करवाते हैं उनको मल को अंदर रोकने में कठिनाई होने लगती है और बीमारी हो जाती है. आधुनिक सेक्सोलोजी इस विषय में क्या कहती है?
उत्तरः सेक्सोलोजी की तरफ से इसमें कोई गलत बात नहीं. पर यह तो सच है कि शरीर के साथ कुछ भी करने से पहले यह ख्याल रखा जाये कि शरीर को नुक्सान न पहुँचे और चोट न लगे.
प्रश्नः जैसे पुरुष में जल्दी वीर्यपात हो सकता है क्या स्त्रियों में इस तरह वीर्यपात हो सकता है?
उत्तरः नहीं स्त्रियों को यह तकलीफ नहीं होती, स्त्रियाँ अपने आनंद के चर्म के होने के बाद भी सेक्स में कोई कठिनाई नहीं पाती जबकि पुरुष एक बार चर्म पर पहुँच जाये तो उसके लिए सेक्स वहीं समाप्त हो जाता है. दरअसल महिला स्खलित नहीं होती है. स्खलन सिर्फ पुरुषों में होता है.प्रश्नः कुछ दिन पहले की बात है, मैं हस्तमैथुन कर रहा था जब अंत में वीर्य निकला तो देखा कि उसमें कुछ रक्त के कण भी थे. क्या यह बहुत गम्भीर बात है? मुझे चिंता हो रही है?
उत्तरः कभी कभी लिंग की छोटी छोटी रक्त की धमनियाँ टूट जाती हैं और वीर्य में कुछ रक्त दिख सकता है. अगर एक बार आ कर फ़िर न दिखे तो कोई बात नहीं, सब ठीक है. पर अगर हर बार इस तरह होता है तो डाक्टर को दिखाना चाहिये.
प्रश्नः मुझे अच्छा लगता है कि सम्भोग के बाद मेरी पत्नी मेरी टेस्टिकल यानि गोलियों को सहलाये, मुझे लगता है जैसे दूसरी बार सेक्स का आनंद मिल रहा हो, क्या यह नारमल बात है?
उत्तरः हाँ, इसमें कोई खराबी नहीं. जो बात मन को अच्छी लगे और किसी अन्य का कुछ न बिगड़े तो उसमें क्या खराबी हो सकती है!
साभारः कल्पना
Saturday, November 01, 2008
सेक्स शब्दकोष (sex Dictionary)
http://www.sexkya.com/ ने एक नए प्रयोग के तहत सेक्स शब्दकोष (sex Dictionary) को भी इसमें शामिल कर दिया गया है. साथ ही यह भी प्रयास किया जा रहा है ज्यादातर शब्दों को उससे संबंधित वेबपेज का लिंक भी दे दिया जाय. ताकि लोग उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा समझ सके. यह सुविधा वेबपेज के दाहिनी ओर सबसे नीचे दी गई है. इसके लिये सेक्स संबंधी हिन्दी में अनुवादित नीले रंग के अक्षरों पर माउस ले जाकर क्लिक करें. इससे आप उससे संबंधित पेज पर आसानी से पहुंच जाएंगे. इससे संबंधित कोई सुझाव हो तो दे सकते हैं. यदि आपके संज्ञान कोई अन्य सेक्स शब्दावली आए तो हमें मेल कर सकते हैं.